इतिहास

दुर्ग जिले के गजेटियर के अनुसार बेमेतरा सहित पूरा दुर्ग जिला पहले सम्राट अशोक के साम्राज्‍य मे शामिल था। सन् 1742 ई. में यह क्षेत्र मराठों के तथा सन् 1853 से भोसले राजा के अधीन रहा। कहा जाता है प्राचीन समय में यहॉ व्‍योमतारा नाम की रानी का राज्‍य था, जिसके नाम पर इस नगर का नाम बेमेतरा पड़ा। बाद में यहॉ जमींदारी प्रथा लागू हुई। यहॉ के अंतिम जमींदार जरब सिंह वर्मा रहे। सन् 1857 से सन् 1906 तक पूरा दुर्ग तहसील रायपूर जिले में शामिल था। बेमेतरा सिमगा तहसील के अंतर्गत था एवं नवागढ़ क्षेत्र बिलासपुर जिले में था। सन् 1906 ई. में जब दुर्ग जिला बना तो जिले के तीन तहसीलों में बेमेतरा प्रमुख तहसील था। प्रारंभिक समय से बेमेतरा तहसील में नवागढ़, बेरला और साजा विकासखंड शामिल थे जो 1 जनवरी 2012 से नवगठित बेमेतरा जिले के भी साथ हैं।

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